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Tuesday, March 5, 2019

छोटे छोटे आतंकी हमलों के लिए ट्रेंड की जा रहीं हैं लड़कियां 

छोटे छोटे आतंकी हमलों के लिए ट्रेंड की जा रहीं हैं लड़कियां 

सुरक्षा बलों पर नजर रखने के लिए भिखमंगों के भेष में आई एस आई ऑपरेटिव्स तैनात
हरिराम पाण्डेय 
कोलकाता: जैश ए मुहम्मद ने भारत पर हमले की नई रणनीति बनाई है। यह    भारत के पूर्वी क्षेत्र में अपने  सहयोगी आतंकी  गिरोह  जमायत उल मुजाहिदीन बांग्लादेश ( जे एम बी ) से मिलकर देश में एक साथ छोटे - छोटे कई हमले करने की साजिश कर रहा है। इस हमले का सबसे खतरनाक पहलू है कि इसके लिए  पढ़ी-लिखी स्मार्ट और जरूरतमंद लड़कियों को तैयार किया जा रहा है ताकि उनके आवागमन पर कोई संदेह ना कर सके। दूसरा खतरनाक पहलू हुए कि इन्हें आधुनिक  हथियारों से नहीं बल्कि मोलोतोव और बैटरी से चलने वाले खिलौने वाले हवाई जहाजों में खतरनाक विस्फोटक भर कर उनसे भीड़ भाड़ वाली जगह जैसे मॉल ,मुख्य बाजार या बस अड्डों पर हमले करने के लिए ट्रेंड किया जा रहा है। हमले के लिए तीन सेंटर बनाए गए हैं। पहला बांग्लादेश का चटगांव इलाका, दूसरा पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल की सीमा पर बने कुछ मदरसे और तीसरा दक्षिणी कश्मीर का इलाका । इसके लिए अल रहमत ट्रस्ट से धन प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा भीख मांगने वालों के  छोटे-छोटे समूहों को विभिन्न शहरों में  काम में लगाया गया है। यह बहुत निचले दर्जे के आई एस आई  ऑपरेटिव्स हैं। यह समूह ना केवल पैसों , फिदायीन के आवागमन और नियत स्थान पर विस्फोटक पहुंचने  का बंदोबस्त करेंगे बल्कि उन क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर भी निगाह रखेंगे। भारत में भीख मांगने वाले संदेह से परे होते हैं। बंगाल और बिहार से  लगभग 20 से 25 लड़कियों का एक जत्था इस प्रशिक्षण के लिए बांग्लादेश रवाना किया जा चुका है जिन्हें जे एम बी के ट्रेनर ट्रेंड करेंगे । इस प्रोजेक्ट को कॉर्डिनेट करने के लिए पाकिस्तान से खास तौर पर जैश ए मोहम्मद का एक शीर्ष कमांडर अब्दुल जब्बार बांग्लादेश पहुंच चुका है।
पिछले पखवाड़े सन्मार्ग ने अपने पाठकों को बताया था की आतंकवादी ड्रोन से हमला कर सकते हैं और 26 फरवरी के बाद 3 मार्च तक 4 ड्रोन सीमा क्षेत्रों में टोह लेते पाए गए और उन्हें गिरा दिया गया । 
     इस बार उससे भी खतरनाक साजिश हो रही है। जिन खिलौना हवाई जहाजों का उपयोग यह ट्रेंड लड़कियां करेंगी उनमें पहले से छोटे-छोटे सीसीटीवी कैमरे लगे रहेंगे जिन्हें  उनके पर्स में पड़े एंड्राइड फोन में देखा जा सकता है और उसके माध्यम से उन इलाकों की ना केवल रेकी की जा सकती है  बल्कि उसकी वीडियो फिल्म बनाकर हमले की तैयारी भी की जा सकती है।  बच्चों के उड़ने वाले खिलौने सर्व सुलभ हैं और संदेह से परे हैं।  यही हाल एंड्राइड फोन का है। अगर इस तरह के हमले शुरू हुए तो हमारे देश में चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की हालत बहुत बिगड़ जाएगी ।

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