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Friday, August 9, 2019

मोदी जी ने बताया, 370 क्यों हटाया

मोदी जी ने बताया, 370 क्यों हटाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद गुरुवार की रात राष्ट्र को संबोधित किया। स्वाधीनता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को संबोधित किए जाने के हफ्ते भर पहले राष्ट्र को संबोधन की सूचना चौंकाने वाली थी । लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जो कुछ कहा वह देश की 130 करोड़ जनता के विभ्रम को मिटाने वाला था। प्रधानमंत्री ने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के संबंध में देश के सामने सरकार का पक्ष रखा। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस धारा के लागू रहने की वजह से कश्मीर और लद्दाख के लोगों काफी नुकसान हो रहा था और कहीं भी इस नुकसान की चर्चा नहीं थी। उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इसका उपयोग लोगों की भावनाओं भड़काने में करता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिकल 370 ने जम्मू कश्मीर को आतंकवाद, अलगाववाद ,परिवारवाद और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। पाकिस्तान ने इसका लाभ उठाया और इसके कारण 42 हजार निर्दोष लोग जान से हाथ धो बैठे । विकास का जो आश्वासन था वह पूरा नहीं हुआ । संसद में जो कानून बनता था वह देश के एक हिस्से में लागू नहीं हो पाता था और जम्मू कश्मीर के डेढ़ करोड़ लोग उसके लाभ से वंचित रह जाते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया की देश में बच्चों को शिक्षा का अधिकार है लेकिन जम्मू-कश्मीर में नहीं। देश में जो बेटियों को अधिकार है वह इस राज्य में नहीं मिलते। देश में सफाई कर्मचारी कानून लागू है लेकिन जम्मू कश्मीर के कर्मचारी वंचित थे। देश में दलित समुदाय पर जुल्म रोकने के लिए कानून थे लेकिन कश्मीर में नहीं। ऐसे कई और कानून हैं जिसका लाभ कश्मीरियों को नहीं मिलता था। इतना ही नहीं लाखों ऐसे लोग थे जो बंटवारे के वक्त  पाकिस्तान से आए थे  इसलिए विधानसभा तथा लोकल चुनाव नहीं लड़ पाते थे और ना उस चुनाव में वोट दे पाते थे कश्मीर में अब ऐसा नहीं होगा।
      हालांकि प्रधानमंत्री की धारा 370 हटाए जाने की घोषणा  अचानक नहीं थी। उन्होंने अपने पिछले 5 साल के विभिन्न भाषाओं में इसकी तरफ प्रचुर इशारा किया था।  पिछले दौर के शासन के  दौरान अंतिम बार 14 अप्रैल 2019 कठुआ में अपने चुनावी भाषण में कहा था कांग्रेस पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस का गठबंधन अवसरवादी है और ये पावर के भूखे हैं । उसके पहले उन्होंने कहा था कि इस धारा की वजह से जम्मू कश्मीर में विकास नहीं हो पा रहा है । पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की यह नीतियां थी जिसके कारण घाटी में विकास बाधित है।
प्रधानमंत्री ने कश्मीर के लोगों को मुतमईन किया हे ईद के दिन किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। सरकार इस बात का ख्याल रख रही है। जो लोग अपने घर से दूर है उन्हें कश्मीर में  अपने घर पहुंचाने के लिए सरकार हर मुमकिन कोशिश करेगी।
        प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हालात सुधरने के बाद कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस कर दिया जाएगा लेकिन लद्दाख केंद्र शासित राज्य ही रहेगा। पीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अलगाववाद नहीं रहेगा और धरती का स्वर्ग विकास की नई ऊंचाइयों को जबर स्पर्श करने लगेगा तो पूरी दुनिया उसकी ओर आकर्षित होगी। नागरिकों को उनके हक मिलने लग जाएंगे। प्रशासन और शासन दोनों यहां की जनता के लिए होंगे और इनका भी उद्देश्य जनहित होगा। लोगों की जिंदगी आसान हो जाएगी
प्रधानमंत्री ने कहा की कश्मीर के कर्मचारियों को और जम्मू कश्मीर पुलिस को अन्य केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों तथा पुलिस के बराबर   सहूलियतें  मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल अन्य केंद्रशासित प्रदेशों में एलटीसी, हाउस रेंट एलाउंस ,हेल्थ स्कीम जैसी कई वित्तीय सुविधाएं कर्मचारियों को दी जाती हैं। जबकि जम्मू कश्मीर के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को यह सुविधाएं नहीं मिलती। इन सुविधाओं  की सरकार तत्काल समीक्षा करेगी और जल्द ही लागू करेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि राज्य में और लद्दाख में जो सरकारी पद चाहे वह केंद्र के हों या राज्य के उन्हें भरने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। नौजवानों को रोजगार के अवसर  उपलब्ध कराए जाएंगे। इतना ही नहीं जो केंद्र  द्वारा संचालित सार्वजनिक तो था निजी कंपनियां है उन्हें भी प्रोत्साहित किया जाएगा वे शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराएं।
       प्रधानमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया की उन्हें संपूर्ण पारदर्शी वातावरण और ईमानदारी के साथ अपने प्रतिनिधि चुनने का मौका दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबकी इच्छा है कि भविष्य में जम्मू कश्मीर विधानसभा के चुनाव हों, नई सरकार बने, नौजवान विधायक बने, मंत्री बनें और मुख्यमंत्री बनें। प्रधानमंत्री ने बड़े भावुक अंदाज में कहा कि अब कश्मीर के नौजवान यहां के विकास में नेतृत्व करेंगे और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जायेंगे। यहां के नौजवान तथा बहन -बेटियां अपने क्षेत्र के विकास की कमान संभालेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जब इन पंचायत सदस्यों को काम करने का मौका मिलेगा तो कमाल हो जाएगा। जम्मू कश्मीर की जनता अलगाववाद को पराजित कर नई आशाओं के साथ आगे बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हालात सुधरने के बाद जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान कर दिया जाएगा  लेकिन लद्दाख  केंद्र शासित राज्य बना रहेगा। लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। लद्दाख के नौजवानों इनोवेटिव स्किल को बढ़ावा मिलेगा। उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए संस्थान हासिल होंगे। वहां की जनता को अस्पताल मिलेंगे। लद्दाख में तेजी से आधुनिकीकरण होगा। प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा इससे साफ जाहिर होता है उन्होंने राष्ट्र को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि जो कुछ किया गया वह कश्मीर की जनता  के लिए ही किया गया और बंटवारे के बाद के जम्मू कश्मीर के आईने में प्रधानमंत्री की बात  विश्वसनीय प्रतीत होती है। इसके बावजूद सरकार को एतिहात के लिए कुछ कदम उठाने की जरूरत थी।

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